Motivational Story: परिस्थितियों को दोष देना बंद करे काम पर focus करे (Stop blaming the circumstances, focus on the work)

Motivational Story: परिस्थितियों को दोष देना बंद करे काम पर focus करे (Stop blaming the circumstances, focus on the work)
Motivational Story: परिस्थितियों को दोष देना बंद करे काम पर focus करे (Stop blaming the circumstances, focus on the work)

परिस्थितियों को दोष देना बंद करे काम पर focus करे (Stop blaming the circumstances, focus on the work)

motivational story

इस दुनिया में दो तरह के लोग होते है एक तो वो जो अपने पुरे जीवन सिर्फ दुसरो को दोष देते रहते है और परिस्थितियों  को ही दोष देते रहते है।

लेकिन दूसरे वो लोग होते है जिनके जीवन में कितनी भी बुरी परिस्थितियों क्यों न हो लेकिन वो कभी भी परिस्थितियों को दोष नहीं देते है, वो हमेशा समस्या पर focus करते है और उसको खत्म करने पर ध्यान देते है।

इस बात को हम एक कहानी के माध्यम से जानेंगे कि कुछ लोग हमेशा परिस्थितियों को ही दोष देते है और अपने जीवन में कुछ भी नहीं कर पाते है।

यह motivational story ऐसी है, जिसको सुनकर आपकी आंखें खुल सकती है, इस कहानी को जल्दी से जल्दी  शुरू करते हैं

काफी समय पहले की बात है दोस्तों एक आदमी रेगिस्तान में फंस गया था, वह मन ही मन अपने आप को बोल रहा था कि यह कितनी अच्छी और सुंदर जगह है।

अगर यहां पर पानी होता तो यहां पर कितने अच्छे-अच्छे पेड़ उग रहे होते और यहां पर कितने लोग घूमने आना चाहते होंगे मतलब blame कर रहा था कि यह होता तो वो होता  और वो होता  तो शायद ऐसा होता।

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ऊपरवाला देख रहा था अब उस इंसान ने सोचा यहां पर पानी नहीं दिख रहा है उसको थोड़ी देर आगे जाने के  बाद उसको एक कुआं दिखाई दिया जो कि पानी से लबालब भरा हुआ था काफी देर तक विचार-विमर्श करता रहा खुद से,फिर बाद उसको वहां पर एक रस्सी और बाल्टी  दिखाई दी  इसके बाद कहीं से
एक पर्ची उड़ के आती है जिस पर्ची में लिखा हुआ था कि तुमने कहा था कि यहां पर पानी का कोई स्त्रोत  नहीं है अब तुम्हारे पास पानी का स्रोत भी है
अगर तुम चाहते हो तो यहां पर पौधे लगा सकते हो, लेकिन वो ऐसा नहीं करता है और वो चला जाता है है।

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तो यह कहानी हमें क्या सिखाती है, यह कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर आप परिस्थितियों को दोष देना चाहते हो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन आप परिस्थितियों को दोष देते हो कि अगर यहां पर ऐसा  हो और आपको वह sources मिल जाए तो क्या परिस्थिति को बदल सकते हो।

इस कहानी में तो यही लगता है कि कुछ लोग सिर्फ परिस्थिति को दोष देना जानते हैं अगर उनके पास उपयुक्त स्रोत हो तो वह परिस्थिति को नहीं बदल सकते है।

सिर्फ वह blame करना जानते हैं लेकिन हमे ऐसा  नहीं बनना है दोस्तों इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि अगर आप चाहते हो कि
परिस्थितियां बदले और आपको अगर उसके लिए उपयुक्त साधन मिल जाए तो आप अपना 100% योगदान तो दे ही सकते हैं और
मुझे पूरा भरोसा है कि अगर  आपके साथ ऐसी कोई घटना घटित होती है तो आप अपना योगदान जरूर देंगे।


 निष्कर्ष(conclusion) :- 

जब तक जीवन है कठिनाइयाँ आना स्वाभिक सी बात है ये कठिनाईयाँ ही हैं जो हमें बेहतर इंसान बनती है जब हम उनका सामना करते हैं तो हम पहले से बेहतर होते जाते हैं |
इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की किसने कितनी कठिनाइयों का सामना किया है हमेशा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और निरंतर काम करना चाहिए |
कठिनाइयों से ही तो हमारा जीवन सुंदर और सरल बनता हैं, हमें हमेशा कठिनाइयों का सामना करना चाहिए ना कि उससे दूर भागना चाहिए l

यह कहानी आपको अच्छी लगी होगी अगर आप चाहते हो कि आपको ऐसी मजेदार कहानियां मिलती रहे तो आप बिल्कुल सही जगह पर है।

अगर आपके पास कोई सुझाव हो तो कमेंट के माध्यम से मुझे जरूर बताएं और अगर आपको यह motivational story अच्छी लगी हो तो इस कहानी को और लोगों से आपके दोस्तों के साथ आप शेयर करिए।

धन्यवाद

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