कुशुम योजना ऑनलाइन आवेदन 2021, Kusum Yojana Form PDF Download

Rajasthan Kusum Yojana Registration, राजस्थान कुशुम योजना आवेदन 2021

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राजस्थान कुशुम योजना 2021

कुशुम योजना 2021 का मुख्य उद्देश्य देश के किसानो को आधुनिक तकनिकी से चलने वाले साधन उपलब्ध करवाना है।इस योजना का उद्देश्य किसानो को सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप प्रदान करना है इस योजना के तहत केंद्र सरकार व राजस्थान राज्य सरकार 3 करोड़ पेटोल और डीजल सिचाई पम्पो को सोर ऊर्जा पम्पो में बदलेगी। देश के जो किसान सिचाई पम्पो को डीज़ल या पेट्रोल की मदद से चलाते है अब उन पंपों को इस Kusum Scheme 2021 के अंतर्गत सोर ऊर्जा से चलाया जायेगा। इस योजना के पहले चरण में देश के 1 .75 लाख पंप जो डीजल और पेट्रोल से चलते है उन्हें सोलर पैनल की सहायता से चलाया जायेगा।

Kusum Yojana के लिए अगर आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है तो आप इसके लिए आवेदन कर सकते है आवेदन कैसे होगा, आवश्यक दस्तावेज क्या होंगे, योग्यता, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, Kusum Yojana Application Form की जानकारी इस आर्टिकल में दी गई है तो आप इस पोस्ट को शुरू से आखिर तक पूरी पढ़े।

 

कुशुम योजना क्या है

Kusum Yojana 2021 के तहत खेती की सिंचाई करने वाले पम्पो को अब सोर ऊर्जा वाले पम्प बनाया में बदला जाएगा। पहले जीना किसनो की खेती में सूखा पड़ जाने के करना फसल ख़राब होती थी अब कुसुम योजना के तहत 2022 तक 3 करोड़ सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की कुल लागत 1.4 लाख करोड़ रुपये होगी। जिसमे से 48 हज़ार करोड़ रूपये का योगदान केंद्र सरकार करेगी और इतनी ही राशि राज्य सरकार देगी। इस योजना के अंतर्गत देश के किसानो को केवल 10 फीसदी ही देना होगा। और 48 हजार करोड़ का इंतजाम बैंक लोन से कराया जाएगा।

 

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Kusum Yojana New Update 2021

इस योजना के कार्यान्वयन से निश्चित रूप से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी साथ ही किसान इन सोलर पंपों से बनने वाली अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति ग्रिड को भी कर सकेंगे। केंद्र सरकार के द्वारा राजस्थान राज्य सरकार की मदद से 17.5 लाख डीज़ल पम्पो और 3 करोड़ खेती उपयोगी पम्पस को आगे आने वाले 10 वर्षो के अंदर सोलर पंप में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखा है।

 

कुसुम योजना पंजीकरण

Kusum Yojana के लिए आप ऑनलाइन व ऑफलाइन कैसे भी आवेदन किया जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना हेतु तथा भूमि लीज पर देने हेतु आवेदन किया जा सकता है। वह सभी आवेदन कर्ता जिन्होंने अपनी भूमि लीज पर देने के लिए पंजीकरण करवाया है उनकी सूची आरआरईसी द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी। वे सभी नागरिक जो सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए भूमि लीज पर लेना चाहते हैं वह आवेदकों की सूची आरआरईसी की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है जिसके पश्चात वह पंजीकृत आवेदकों से संपर्क करके संयंत्र लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अगर आवेदक द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है तो आवेदक को एप्लीकेशन आईडी प्राप्त होगी। आवेदक को ऑनलाइन आवेदन की स्थिति में आवेदन पत्र के प्रिंट आउट को प्रिंट आउट अपने पास सुरक्षित रखना होगा। यदि आवेदक द्वारा ऑफलाइन आवेदन किया गया है तो आवेदक को एक रसीद दी जाएगी जो की आवेदक को संभाल कर रखनी होगी। आवेदन करने के लिए आवेदन द्वारा सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने होंगे।

 

कुशुम योजना आवेदन राशि

इस योजना में आवेदक को सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए आवेदन करने के लिए 5000 प्रति मेगावाट, जीएसटी की दर से आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। यह भुगतान प्रबंध निर्देशक राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के नाम से डिमांड ड्राफ्ट के रूप में किया जाएगा। आवेदन करने के लिए 0.5 मेगावाट से लेकर 2 मेगावाट तक के लिए आवेदन किया जा सकता है जिनके शुल्क इस प्रकार है।

मेगा वाट आवेदन शुल्क
0.5 मेगावाट 2500 + जीएसटी
1 मेगावाट 5000 + जीएसटी
1.5 मेगावाट 7500 + जीएसटी
2 मेगावाट 10000 + जीएसटी

 

Kusum Yojana 2021 Highlights

योजना का नाम कुशुम योजना
किसने शुरू की वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली जी के द्वारा
कैटेगिरी केंद्र सरकार योजना
योजना का उद्देश्य रियायती मूल्य पर सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराना
आधिकारिक वेबसाइट क्लिक करे

 

वित्तीय संसाधनों का अनुमान

1 किसानो द्वारा प्रोजेक्ट लगाने पर

सौर ऊर्जा संयंत्र की क्षमता 1 मेगावाट
अनुमानित निवेश 3.5 से 4.00 करोड़ रुपए प्रति मेगावाट
अनुमानित वार्षिक विद्युत उत्पादन 17 लाख यूनिट
अनुमानित टैरिफ 3.14 प्रति यूनिट
कुल अनुमानित वार्षिक आय 5300000
अनुमानित वार्षिक खर्च 500000
अनुमानित वार्षिक लाभ 4800000
25 वर्ष की अवधि में कुल अनुमानित आय 12 करोड़ रुपया

 

किसान द्वारा भूमि लीज पर देने पर

1 मेगावाट हेतु भूमि की आवश्यकता 2 हेक्टेयर
प्रति मेगावाट विद्युत उत्पादन 17 लाख यूनिट
अनुमति लीज रेंट 1.70 लाख से 3.40 लाख

 

कुशुम योजना का उद्देश्य

कुशुम योजना का मुख्य उद्देश्य किसानो को आधुनिक सिंचाई के साधन और बिजली उपलब्ध करवाना है जिससे की किसानो की आय बढ़ सके और देश में किसानो को खेती करने के लिए प्रेरित किया जा सके।

 

राजस्थान कुशुम योजना की लागत और आय

इस योजना से लगभग 20 लाख किसानो को जोड़कर उन्हें लाभ प्रदान  जायेगा। इस योजना के तहत सरकार वर्ष 2022 तक किसानो की आमदनी को दो गुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले कुशुम योजना में 17.5 लाख किसानो को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को केवल 10% कुल लागत का भुगतान करना होगा। सरकार द्वारा 30% राशि किसानों को सब्सिडी के रूप में प्रदान की जाएगी तथा 30% राशि ऋण के रूप में किसानों को प्रदान की जाएगी। इस योजना के माध्यम अगले 25 वर्षों में सौर ऊर्जा प्लांट लगाने से भूमि मालिक को 60000 से लेकर 100000 प्रतिवर्ष की आय प्राप्त हो सकती है। कुसुम योजना के माध्यम से ना केवल बिजली की बचत होगी बल्कि 30,800 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी किया जा सकेगा।

 

कुशुम योजना से किसानो को मिलने वाले लाभ की जानकारी

  • इस योजना का लाभ सभी किसान ले सकते है।
  • इस योजना से राज्य के किसान अपने खेतो में सोलर सिस्टम लगाकर सौर ऊर्जा से पंपसेट चलाकर दिन में ही सिंचाई कर रह है।
  • जिससे किसानो कि आय बढ़ रही है और किसानो की सिंचाई से जुडी समस्याएं दूर हो रही है।
  • किसानो की इस योजना में 30 प्रतिशत धनराशि का अनुदान केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है और 30 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है तथा 30 प्रतिशत धनराशि नाबार्ड द्वारा दी जा रही है। शेष 10 प्रतिशत राशि किसान को जमा करवा कर सौलर सिस्टम लगवाए जा रहे है।

इस योजना के अंतर्गत 3 से 7. 5 एचपी के पम्पसेट लगाए जा रहे है 3 एचपी के लिए 20 हजार 549 रुपए, 5 एचपी के 33 हजार 749 रुपए एवं 7.5 एचपी के लिए 46 हजार 687 रुपए की राशि डिमांड के रूप में किसान को जमा करवानी होगी। तभी वह अपने खेतो में सिचाई के लिए पम्पसेट लगवा सकते है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के जो किसान अपने खेतो में सौर ऊर्जा सिस्टम लगाने के लिए लोन ले रहे है वह दिए गए लोन का भुगतान नगद नहीं कर सकते है सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कर राज्य के किसान अन्य किसान या सरकार को ग्रिड पर देकर अतिरिक्त आमदनी कर लोन की किश्तें चुका सकते है।

 

कुशुम योजना की नई अपडेट

इस योजना का लाभ देश के ज्यादा से ज्यादा किसानो को पहुंचने के लिए 13 नवम्बर को ऊर्जा मंत्रालय तथा केंद्र सरकार के द्वारा इस योजना का विस्तार किया गया है। इस दायरे के अंतर्गत देश के किसानो को नया अलॉटमेंट जारी किया जायेगा। जिससे बाद किसान भाई अपना बिजली संयंत्र शुरू कर सकेंगे। ऊर्जा मंत्रालय की इस घोषणा के अंतर्गत अब बंजर, परती, कृषि भूमि, चारागाह और दलदली भूमि पर भी सौर बिजली संयंत्र लगाए जा सकते हैं। मंत्रालय के बयान के अनुसार योजना का लाभ छोटे किसान भाई भी उठा सकते है छोटे किसानो की सहायता के लिए 500 किलोवाट की कम क्षमता वाली परियोजनाओ को राज्य सरकार द्वारा मंजूरी दी जा सकती है।

 

Rajasthan Kusum Yojana Registration, राजस्थान कुशुम योजना आवेदन 2021

इस योजना के तहत खेती की सिंचाई करने वाले पम्पो को सोर ऊर्जा वाले पम्प बनाया जायेगा।  कुशुम योजना का लाभ उन राज्यों के किसानो को अधिक मिलेगा जो की सूखा से प्रभावित है। Kusum Yojana 2021 के अंतर्गत 2022 तक लक्षित 3 करोड़ सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की कुल लागत 1.4 लाख करोड़ रुपये होगी। जिसमे से 48 हज़ार करोड़ रूपये का योगदान केंद्र सरकार करेगी और इतनी राशि का योगदान राज्य सरकार करेगी। इस Kusum Yojana 2021 के तहत देश के किसानो को केवल कुल लगत का 10 फीसदी ही देना होगा जबकि 48 हजार करोड़ का इंतजाम बैंक लोन से किया जायेगा।

 

कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना की अवधि

Kusum Yojana के अंतर्गत आवेदन करने के बाद संबंधित विभाग द्वारा एसपीजी को सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना करने के लिए लेटर ऑफ ऑथराइजेशन जारी किया जाएगा। यह लेटर ऑफ ऑथराइजेशन जारी करने की तिथि से 9 महीने की अवधि में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना अनिवार्य है। यदि इस अवधि में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित नहीं किया गया तो पेनल्टी का भुगतान करना पड़ेगा। यह पेनल्टी पीपीए की शर्तों के अनुसार वसूल की जाएगी। पीपीए अवधि के दौरान सौर ऊर्जा संयंत्र द्वारा कम से कम 15% वार्षिक कैपेसिटी यूटिलाइजेशन फैक्टर बनाए रखना अनिवार्य है। यदि कैपेसिटी यूटिलाइजेशन फैक्टर 15% से कम होता है तो इस स्थिति में क्षतिपूर्ति देनी होगी। यदि एसपीजी द्वारा जमा किए गए दस्तावेज गलत पाए जाते हैं तो आवेदन किसी भी स्तर पर अमान्य किया जा सकता है।

 

कुसुम योजना के कॉम्पोनेंट्स

इस योजना के चार कॉम्पोनेन्ट है जिनकी जानकारी इस प्रकार है।

  1. ट्यूबवेल की स्थापना – सरकार द्वारा ट्यूबवेल की स्थापना की जाएगी जो कि कुछ निश्चित मात्रा में बिजली उत्पादन करेंगे।
  2. सौर पंप वितरण – कुसुम योजना के प्रथम चरण के दौरान केंद्र सरकार के विभागों के साथ मिलकर बिजली विभाग, सौर ऊर्जा संचालित पंप के सफल वितरण करेगी।
  3. सौर ऊर्जा कारखाने का निर्माण – सौर ऊर्जा कारखानों का निर्माण किया जाएगा जोकि पर्याप्त मात्रा में बिजली का उत्पादन करने की क्षमता रखते हैं।
  4. वर्तमान पंपों का आधुनिकरण – वर्तमान पंपों का आधुनिकरण भी किया जाएगा कथा पुराने पंपों को नए सौर पंपो से बदला जाएगा।

कुसुम योजना के पहले ड्राफ्ट के अंतर्गत यह प्लांट्स बांझ क्षेत्रों में लगाए जाएंगे जोकि 28000 मेगावाट बिजली उत्पादन में सक्षम है। प्रथम चरण में सरकार द्वारा 17.5 लाख सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा बैंक किसानों को लोन के रूप में कुल खर्च का 30% अतिरिक्त प्रदान करेगी। किसानों को केवल अग्रिम लागत ही खर्च करनी होगी।

 

राजस्थान कुसुम योजना के अंतर्गत भूमि की लीज

Rajasthan Kusum Yojana के अंतर्गत यदि सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना विकासकर्ता द्वारा की जाती है तो इस स्थिति में भूमि के मालिक तथा विकासकर्ता द्वारा लीज रेट किराया तय किया जाएगा। इसके पश्चात विकासकर्ता को भूमि के मालिक को यह रेंट देना होगा। रेंट की राशि सीधे भूमि के मालिक के खाते में पहुंचाई जाएगी। यह रेंट रुपए प्रति एकड़ एवं भूमि से उत्पादित बिजली की रुपए प्रति यूनिट के रूप में निर्धारित किया जाएगा। लीज रेंट विकासकर्ता एवं भूमि के मालिक द्वारा आपसी सहमति से निर्धारित किया जाएगा। यदि विकास करता द्वारा लीज रेंट नहीं दिया जाता है तो वितरण निगम उक्त अनुबंध की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

 

कुशुम योजना के कार्यान्वयन में राजस्थान का पहला स्थान

राजस्थान देशभर में इस योजना के कार्यान्वयन में पहले स्थान पर हैं। राजस्थान में इस योजना के अंतर्गत बिजली उत्पादन की सुविधा आरंभ हो गई है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कुसुम कॉम्पोनेंट ए योजना के अंतर्गत जयपुर के जिले कोटपूतली तहसील में भालोजी गांव में प्रथम सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। जिसके लिए लगभग 3.70 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस परियोजना को 3.50 एकड़ भूमि पर किसान देवकरण यादव द्वारा स्थापित किया गया है।

 

कुशुम योजना के लाभार्थी

  • किसान
  • किसानों का समूह
  • पंचायत
  • सहकारी समितियां
  • जल उपभोक्ता एसोसिएशन
  • किसान उत्पादक संगठन

कुशुम सोलर पम्प योजना 2021

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कुशुम सोलर पम्प योजना 2021

वित् मंत्री द्वारा 2020 -21 बजट पेश करते हुए कहा कि 15 लाख किसानो ग्रिड से जुड़े सोलर पंप लगाने के लिए धन मुहैया कराया जाएगा। इसके तहत किसानों को अपनी बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजना लगाने के उपरान्त उन्हें अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचने का विकल्प दिया जाएगा ।राजस्थान के जो इच्छुक किसान इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाना चाहते है तो वह जल्द से जल्द आवेदन करे और योजना का लाभ उठाये।

 

कुशुम योजना 2021 के लाभ, Kusum Yojana Ke Labh

  • 10 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सोलराइजेशन।
  • अब खेतों को सिंचाई करने वाले पंप सौर ऊर्जा से चलेंगे किसानों की खेती में बढ़ावा होगा।
  • इस योजना का लाभ देश के सभी किसान उठा सकते है।
  • रियायती मूल्य पर सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराना।
  • इस योजना से मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा।
  • कुसुम योजना 2021 के तहत पहले चरण में डीजल से चल रहे 17.5 लाख सिंचाई पंपों को सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा जिससे डीजल खपत कम होगी।
  • इस योजना के अंतर्गत सोलर पेनल लगाने के लिए सरकार की तरफ से किसानो को 60% केंद्र सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता दी जायेगी व बैंक 30% ऋण की सहायता प्रदान करेगा और सिर्फ किसान को 10 फीसदी का भुगतान करना पड़ेगा।
  • कुसुम योजना उन किसानो के लिए फायदेमंद होगी जहाँ के राज्य सूखाग्रस्त होगा व जहाँ बिजली की समस्या रहती हो।
    सोलर प्लांट लगाने से 24 घंटे बिजली रहेगी,
  • जिसकी वजह से किसान अपने खेतो में आसानी से सिचाई कर सकते है।
  • सोलर पेनल से जो अतिरिक्त बिजली बनेगी किसान उस बिजली को सरकारी या गैर सरकारी बिजली विभागों में बेच सकता है जहाँ से किसान को 1 माह की 6000 रूपये की मदद मिल सकती है।
  • कुसुम योजना के अंतर्गत जो भी सोलर पेनल लगाये जायेंगे वो बंजर भूमि में लगाये जायेंगे जिससे की बंजर भूमि का भी उपयोग हो जायेगा,व बंजर भूमि से आय प्राप्त होगी।

 

कुशुम योजना की पात्रता, Eligibility For Kushum Yojana

  • आवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • कुसुम योजना के अंतर्गत 0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए आवेदक द्वारा आवेदन किया जा सकता है।
  • आवेदक द्वारा अपनी भूमि के अनुपात में 2 मेगावाट क्षमता या फिर वितरण निगम द्वारा अधिसूचित क्षमता के लिए आवेदन कर सकता है।
  • प्रति मेगावाट के लिए लगभग 2 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी।
  • इस योजना के अंतर्गत स्वयं के निवेश से प्रोजेक्ट के लिए किसी भी प्रकार की वित्तीय योग्यता की आवश्यकता नहीं है।
  • यदि आवेदक द्वारा किसी विकासकर्ता के माध्यम से प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है तो विकासकर्ता की नेटवर्थ 1 करोड़ रुपए प्रति मेगावाट होनी अनिवार्य है।

 

कुशुम योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • ऑथराइजेशन लेटर
  • जमीन की जमाबंदी की कॉपी
  • रजिस्ट्रेशन की कॉपी
  • चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा जारी नेटवर्थ सर्टिफिकेट (विकासकर्ता के माध्यम से प्रोजेक्ट विकसित करने की स्थिति में)
  • बैंक खाता विवरण
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ

कुशुम योजना के लिए आवेदन कैसे करे

राज्य के जो भी इच्छुक इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करना चाहते है वे निचे बताई गई स्टेप्स को फॉलो करके आवेदन कर सकते है।

इसके लिए आवेदक को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट के होम पेज पर जाना होगा।

कुशुम योजना की Official Website – Click Here

होम पेज पर आपको पंजीकरण Online Registration का ऑप्शन दिखाई देगा इसपर क्लिक करना है।

फिर आपको आवेदन फॉर्म  पूछी गई सम्पूर्ण जानकारी सही से भरनी है जैसे – नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल आदि।

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कुशुम योजना फॉर्म डाउनलोड पीडीएफ

पूरी जानकारी  बाद सब्मिट के ऑप्शन पर क्लिक करना है। सफल पंजीकरण के बाद आपको चयनित लाभार्थियों को सौर पंप सेट की 10% लागत विभाग द्वारा अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं को जमा करने के लिए निर्देशित किया जाता है।

इसके बाद कुछ ही दिनों में अपने खेतो में सोलर पम्प लगा दिए जायेगे।

 

कुशुम योजना लिस्ट में अपना नाम कैसे देखे

कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने हेतु चयनित आवेदकों के नाम देखने के लिए सर्वप्रथम आपको सोलर योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

इसके बाद कुशुम योजना के लिए पंजीकृत आवेदनों की सूचि पर क्लिक करे।

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कुशुम योजना लिस्ट में अपना नाम कैसे देखे

जैसे ही आप इस विकल्प पर क्लिक करेंगे आपके सामने चयनित आवेदकों की सूची खुल जाएगी और अब आप इस सूची के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति के नाम को आसानी से खोज सकते हैं।

 

नॉट: इस पोस्ट में  आपको कुशुम योजना की सम्पूर्ण जानकारी दी है अगर इसके  बाद भी आपके कोई सवाल या समस्या हो तो निचे बताये गई हेल्पलाइन नंबर पर सम्पर्क कर सकते है।

कुसुम योजना की हेल्पलाइन नंबर

Contact Number
011-243600707
011-24360404
Toll-Free Number
18001803333

 

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